Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष पारिभाषिक शब्दावली

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 11th Digest परिशिष पारिभाषिक शब्दावली Notes, Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Hindi परिशिष पारिभाषिक शब्दावली

1. बैंक तथा वाणिज्य से संबंधित शब्द

  • Account = लेखा
  • Accountant = लेखापाल
  • Act = अधिनियम Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष पारिभाषिक शब्दावली
  • Affidavit = शपथपत्र
  • Agreement = अनुबंध/करार
  • Annexure = परिशिष्ट
  • Audit = लेखा परीक्षण
  • Average = औसत
  • Session = सत्र
  • Advocate General = महाधिवक्ता
  • Foreign Exchange = विदेशी विनिमय
  • Fund Sinking = निक्षेप निधि
  • Finance Commissioner = वित्त आयुक्त
  • Deduction = कटौती
  • Dividend = लाभांश
  • Domicile Certificate = अधिवास प्रमाणपत्र
  • Draft = मसौदा/प्रारूप
  • Gazette = राजपत्र
  • Investment = निवेश
  • Management = प्रबंधन
  • Revenue = राजस्व
  • Clearing = समाशोधन
  • Attestation = साक्ष्यांकन
  • Cheque = धनादेश (चैक)
  • Advance = अग्रिम
  • Capital = पूँजी Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष पारिभाषिक शब्दावली
  • Cashier = रोकड़िया/कोषाध्यक्ष
  • Amount = धनराशि, रकम
  • Custom Duty = सीमा शुल्क
  • Credit Amount = जमा रक्कम
  • Finance Bill = वित्त विधेयक
  • Finance Statement = वित्तीय विवरण
  • Pension = निवृत्ति वेतन
  • Service Charges = सेवा भार
  • Corporation-Tax = नगर निगम कर
  • Trade Mark = व्यापार चिह्न
  • Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष पारिभाषिक शब्दावली

2. विधि से संबंधित शब्द

  • Bailable Offence = जमानती अपराध
  • Defendent = ufdact
  • Accused = अभियुक्त
  • Bench = न्यायपीठ
  • Show Cause = कारण बताओ
  • Custody (Police) = पुलिस हिरासत
  • Formal Investigation = औपचारिक जाँच
  • Validity = वैधता
  • Advocate General = Halfeta chall
  • Judicial Power = न्यायालयीन अधिकार
  • Ordinance = अध्यादेश

3. प्रशासनिक

  • Chancellor = कुलाधिपति
  • Deputation = प्रतिनियुक्ति
  • Director = निदेशक
  • Surveyor = सर्वेक्षक
  • Supervisor = पर्यवेक्षक
  • Governor = राज्यपाल
  • Secretary = सचिव
  • Eligibility = अर्हता
  • Memorandum = ज्ञापन
  • Notification = अधिसूचना
  • Registrar = कुलसचिव
  • Administration = प्रशासन
  • Commission = आयोग
  • Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष पारिभाषिक शब्दावली

4. वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली

  • Mechanics = यांत्रिक
  • Gravitation = गुरुत्वाकर्षण
  • Orbit = कक्षा
  • Satellite = उपग्रह
  • Nerve = तंत्रिका
  • Nutrition = पोषण
  • Radiation = विकिरण
  • Tissue = ऊतक
  • Fertility = उर्वरता
  • Genetics = अनुवांशिकी

5. कंप्यूटर (संगणक) विषयक

  • Internet = अंतरजाल
  • Control Section = नियंत्रण अनुभाग
  • Hard Copy = मुद्रित प्रति
  • Storage = भंडार
  • Data = आँकड़ा
  • Software = प्रक्रिया सामग्री
  • Output = निर्गम
  • Screen = प्रपट्ट Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष पारिभाषिक शब्दावली
  • Network = संजाल
  • Command = समादेश

Maharashtra Board Class 11 Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण गटात न बसणारा शब्द

Balbharti Maharashtra State Board Marathi Yuvakbharati 11th Digest व्याकरण गटात न बसणारा शब्द Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण गटात न बसणारा शब्द

11th Marathi Book Answers व्याकरण गटात न बसणारा शब्द Additional Important Questions and Answers

गटात न बसणारा शब्द

प्रश्न 1.
नामांकित, कीर्तिमान, कुविख्यात, सर्वज्ञात
उत्तर :
कुविख्यात

Maharashtra Board Class 11 Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण गटात न बसणारा शब्द

प्रश्न 2.
वात, जलद, मेघ, घन
उत्तर :
वात

प्रश्न 3.
सटासट, कटकट, वटवट, झटपट
उत्तर :
सटासट

प्रश्न 4.
अपमान, दुर्लक्ष, निष्काळजी, आदर
उत्तर :
अपमान

प्रश्न 5.
सौदामिनी, प्रकाश, दिप्ती, तेज
उत्तर :
सौदामिनी

प्रश्न 6.
त्याला, त्याचा, तुझा, आणि
उत्तर :
आणि

प्रश्न 7.
संभाषण, भाषण, चर्चा, संवाद
उत्तर : भाषण

प्रश्न 8.
गुजरात, महाराष्ट्र, मुंबई, कर्नाटक
उत्तर :
मुंबई

प्रश्न 9.
फूल, पान, खोड, मासा
उत्तर :
मासा

Maharashtra Board Class 11 Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण गटात न बसणारा शब्द

प्रश्न 10.
पृथ्वी, धरणी, वसुधा, समिधा
उत्तर :
समिधा

प्रश्न 11.
देवूळ, मंदिर, देवालय, देव
उत्तर :
देव

प्रश्न 12.
कर्ण, डोळा, नयन, नेत्र
उत्तर :
कर्ण

प्रश्न 13.
पर्वत, नग, नभ, गिरी
उत्तर :
नभ

प्रश्न 14.
हात, पद, कर, हस्त
उत्तर :
पद

प्रश्न 15.
दैत्य, दानव, राक्षस, सुर
उत्तर :
सुर

प्रश्न 16.
नवल, संकोच, आश्चर्य, विस्मय
उत्तर :
संकोच

Maharashtra Board Class 11 Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण गटात न बसणारा शब्द

प्रश्न 17.
युद्ध, समर, संगम, लढाई
उत्तर :
संगम

प्रश्न 18.
वणवा, वन, जंगल, अरण्य
उत्तर :
वणवा

प्रश्न 19.
शत्रू, वैरी, दुष्मन, दोस्त
उत्तर :
दोस्त

प्रश्न 20.
पिता, वडील, भ्राता, जनक
उत्तर :
भ्राता

Maharashtra Board Class 11 Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण विरामचिन्हे

Balbharti Maharashtra State Board Marathi Yuvakbharati 11th Digest व्याकरण विरामचिन्हे Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण विरामचिन्हे

विरामचिन्हे प्रास्ताविकः

आपल्या बोलण्याचा आशय ऐकणाऱ्याला चांगल्या रीतीने समजावा म्हणून आवाजाच्या चढ-उताराबरोबरच एखाद दुसऱ्या ठिकाणी आपण काही क्षण थांबतो या थांबण्यालाच ‘विराम’ असे म्हणतात.

बोलण्यातील विराम लेखनात निरनिराळ्या चिन्हांनी दर्शविला जातो. अशा लेखनातील विविध चिन्हांना ‘विरामचिन्हे’ असे म्हणतात.

विरामचिन्हांमुळे वाक्य कोठे संपले, कोठे सुरू झाले की अपूर्ण आहे अशा विविध गोष्टी आपणास समजतात. म्हणूनच विरामचिन्हांना लेखनात अत्यंत महत्त्व आहे.

Maharashtra Board Class 11 Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण विरामचिन्हे

विरामचिन्हे दोन प्रकारची आहेत.

  • विराम दर्शवणारी
  • अर्थबोध करणारी

विराम दर्शवणारी :

  • पूर्णविराम ( . ),
  • अर्धविराम ( ; ),
  • स्वल्पविराम ( , ),
  • अपूर्णविराम ( : ).

अर्थबोध करणारी :

  • प्रश्नचिन्ह ( ? ),
  • उद्गारचिन्ह ( ! ),
  • अवतरण चिन्ह (” ” दुहेरी व ” एकेरी),
  • संयोगचिन्ह ( – ),
  • अपसारण चिन्ह ( – )
  • याशिवाय लोप चिन्ह ( ……… ),
  • अधोरेखा चिन्ह ( अ ),
  • विकल्प चिन्ह ( / ),
  • काकपद/हंसपद ( , ),
  • कंस () साधा कंस,
  • { } महिरप कंस,
  • [ ] चौकोनी कंस),
  • वरीलप्रमाणे मजकूर / यथोपरिचिन्ह (” “, -।।-)
  • अवग्रह (ऽ) उच्चार लांब करण्यासाठी,
  • फुल्या (xxx) (अवशिष्ट व अयोग्य मजकुरासाठी),
  • दंड ( । एकेरी, ।। दुहेरी) ही लेखनात वापरली जातात.

Maharashtra Board Class 11 Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण विरामचिन्हे

11th Marathi Book Answers व्याकरण विरामचिन्हे Additional Important Questions and Answers

1. खालील वाक्यांत योग्य त्या ठिकाणी विरामचिन्हे देऊन वाक्ये पुन्हा लिहा.

प्रश्न 1.
सर पोराचं लग्न हाय यायला पाहिजे.
उत्तर :
“सर, पोराचं लग्न हाय. यायला पाहिजे.”

प्रश्न 2.
ते म्हणाले गेले दोन दिवस मेघदूत वाचत होतो.
उत्तर :
ते म्हणाले, “गेले दोन दिवस, ‘मेघदूत’ वाचत होतो.”

प्रश्न 3.
मी सोपानदेवांना म्हणालो अहो हे बावनकशी सोने आहे
उत्तर :
मी सोपानदेवांना म्हणालो, “अहो, हे बावनकशी सोने आहे!”

प्रश्न 4.
वडील सहा आठ महिने दौऱ्यावर
उत्तर :
वडील सहा-आठ महिने दौऱ्यावर.

प्रश्न 5.
ड्रायव्हरनं गाडी सुरू केली आणि विचारलं कुठे जायचं
उत्तर :
ड्रायव्हरनं गाडी सुरू केली आणि विचारलं, “कुठे जायचं?”

2. पुढील वाक्यांत योग्य विरामचिन्हांचा पर्याय निवडून वाक्ये पुन्हा लिहा.

प्रश्न 1.
रसिकहो वहिानींचा सल्ला या कार्यक्रमाचा आजचा शेवटचा प्रयोग.

पर्याय :
(अ) उद्गारवाचक चिन्ह, एकेरी अवतरण
(आ) प्रश्नचिन्ह, उद्गारवाचक चिन्ह
(इ) दुहेरी अवतरण चिन्ह, स्वल्पविराम
उत्तर :
(अ) उद्गारवाचक चिन्ह, एकेरी अवतरण (रसिकहो! ‘वहिनींचा सल्ला’ या कार्यक्रमाचा आजचा शेवटचा प्रयोग)

प्रश्न 2.
पायच होऊ देत आता घट्ट मजबूत पोलादी पर्याय :

Maharashtra Board Class 11 Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण विरामचिन्हे

(अ) प्रश्नचिन्ह, लोपचिन्ह
(आ) स्वल्पविराम, अर्धविराम
(इ) लोपचिन्ह, स्वल्पविराम
उत्तर :
पर्याय : (इ) लोपचिन्ह, स्वल्पविराम (पायच होऊ देत आता… घट्ट, मजबूत, पोलादी)

प्रश्न 3.
जी ए कुलकर्त्यांचा एखादा कथासंग्रह तुम्ही वाचला आहे काय पर्याय :
(अ) स्वल्पविराम, अर्धविराम
(आ) पूर्णविराम, प्रश्नचिन्ह
(इ) अपूर्णविराम, अवग्रहचिन्ह
उत्तर :
(आ) पूर्णविराम, प्रश्नचिन्ह (जी. ए. कुलकर्त्यांचा एखादा कथासंग्रह तुम्ही वाचला आहे काय?)

Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष मुद्रित शोधन चिह्नदर्शक तालिका

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 11th Digest परिशिष मुद्रित शोधन चिह्नदर्शक तालिका Notes, Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Hindi परिशिष मुद्रित शोधन चिह्नदर्शक तालिका

मुद्रण सही ढंग से न हो तो अशुद्धियाँ रह जाती हैं। इससे मुद्रित सामग्री की रोचकता तथा सहजता कम हो जाती है। कभी–कभी किसी शब्द के अशुद्ध रहने से अर्थ बदल जाता है या किसी शब्द के रह जाने से अर्थ का अनर्थ हो जाता है। इस दृष्टि से मुद्रण प्रक्रिया में मुद्रित शोधन का अत्यधिक महत्त्व है।

जिस प्रकार मन की सुंदरता न हो तो तन की सुंदरता अर्थहीन हो जाती है। उसी प्रकार पुस्तक बाहर से भले ही कितनी ही आकर्षक हो; भाषा की अशुद्धता के कारण वह प्रभावहीन हो जाती है।

मुद्रित शोधन के लिए आवश्यक योग्यताएँ :

मुद्रित शोधन का कार्य अत्यंत दायित्वपूर्ण ढंग से निभाया जाने वाला कार्य है। अत: इस कार्य के लिए मुद्रित शोधक में कतिपय योग्यताओं का होना आवश्यक है। जैसे –

  • मुद्रित शोधक को संबंधित भाषा एवं व्याकरण की समग्र और भली–भाँति जानकारी होनी चाहिए।
  • उसे प्रिंटिंग मशीन पर होने वाले कार्य का परिचय होना चाहिए।
  • उसे टाइप के प्रकारों, संकेत चिह्नों और अक्षर विन्यास की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए।
  • मुद्रित शोधक को पांडुलिपि में स्वयं कोई परिवर्तन नहीं करना चाहिए। यदि कहीं उसे अशुद्धियाँ लगें या वाक्य सही/शुद्ध न लगे तो इसकी ओर लेखक का ध्यान आकृष्ट करना चाहिए।

मुद्रित शोधन चिह्नदर्शक तालिका : –
Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष मुद्रित शोधन चिह्नदर्शक तालिका 1

Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष हिंदी साहित्यकारों के मूल नाम और उनके विशेष नाम

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 11th Digest परिशिष हिंदी साहित्यकारों के मूल नाम और उनके विशेष नाम Notes, Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Hindi परिशिष हिंदी साहित्यकारों के मूल नाम और उनके विशेष नाम

  • अब्दुल हसन – अमीर खुसरो
  • मलिक मुहम्मद – जायसी
  • अब्दुर्रहीम खानखाना – रहीम
  • सय्यद इब्राहिम – रसखान
  • चंद्रधर शर्मा – ‘गुलेरी’
  • पांडेय बेचन शर्मा – ‘उग्र’
  • राजेंद्रबाला घोष – बंग महिला
  • बदरीनारायण चौधरी – प्रेमधन
  • गयाप्रसाद शुक्ल – ‘स्नेही’
  • अयोध्यासिंह उपाध्याय – ‘हरिऔध’
  • मोहनलाल महतो – वियोगी
  • धनपतराय – ‘प्रेमचंद’
  • रामधारी सिंह – ‘दिनकर’
  • शिवमंगल सिंह – ‘सुमन’
  • रामेश्वर शुक्ल – ‘अंचल’
  • बालकृष्ण शर्मा – ‘नवीन’
  • कन्हैयालाल मिश्र – ‘प्रभाकर’
  • फणीश्वरनाथ – ‘रेणु’
  • वैद्यनाथ मिश्र – नागार्जुन
  • सूर्यकांत त्रिपाठी – ‘निराला’
  • सच्चिदानंद हीरानंद वात्सायन – अज्ञेय
  • वासुदेव सिंह – त्रिलोचन
  • गोपाल दास सक्सेना – ‘नीरज’
  • महेंद्रकुमारी – मन्नू भंडारी
  • श्रीराम वर्मा – अमरकांत
  • उपेंद्रनाथ – ‘अश्क’
  • सुदामा पांडेय – धूमिल

Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हिंदी साहित्यकार

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 11th Digest परिशिष ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हिंदी साहित्यकार Notes, Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Hindi परिशिष ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हिंदी साहित्यकार

ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हिंदी साहित्यकार

साहित्यकारसाहित्यिक कृतिवर्ष
सुमित्रानंदन पंतचिदंबरा१९६८
रामधारी सिंह ‘दिनकर’उर्वशी१९७२
‘अज्ञेय’कितनी नावों में कितनी बार१९७८
महादेवी वर्मायामा१९८२
नरेश मेहतासमग्र साहित्य१९९२
निर्मल वर्मासमग्र साहित्य१९९९
कुँवर नारायणसमग्र साहित्य२००५
अमरकांतसमग्र साहित्य२००९
श्रीलाल शुक्लराग दरबारी२००९
केदारनाथ सिंहअकाल में सारस२०१३
कृष्णा सोबतीजिंदगीनामा२०१७

Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष रेडियो जॉकी और रेडियो संहिता

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 11th Digest परिशिष रेडियो जॉकी और रेडियो संहिता Notes, Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Hindi परिशिष रेडियो जॉकी और रेडियो संहिता

रेडियो जॉकी

Maharashtra Board Class 12 Hindi परिशिष रेडियो जॉकी और रेडियो संहिता 1

Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष रेडियो जॉकी और रेडियो संहिता

रेडियो संहिता

रेडियो श्राव्य माध्यम है। इसलिए श्राव्य माध्यम के अनुकूल संहिता होती है। इसमें शब्दों के साथ ध्वनि संकेत, ठहराव, मौन, अंतराल आदि के संकेत भी होने चाहिए। गीत– संगीत के बीच में चलनेवाली आर.जे. की बातचीत कम शब्दों में रोचक, चटपटी और मिठास भरी होनी चाहिए।

भाषा प्रवाहमयी हो। शब्द सरल हों। संहिता लयात्मकता के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में सहायक होनी चाहिए। रेडियो संहिता के तीन हिस्से होते हैं। आरंभ, मध्य और अंत। आरंभ जितना आकर्षक, उतना ही अंत भी आकर्षक होना चाहिए। मध्य में विषयवस्तु कार्यक्रम की लंबाई पर निर्भर है।

हिंदी में रेडियो चैनल के लिए जो संहिता होती है, वह बहुत ही सधी हुई होती है। रेडियो की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण है – कार्यक्रमों की प्रस्तुति, संयोजन और भाषा का नयापन। संहिता की भाषा गतिशील और अनौपचारिक होनी चाहिए।

Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष रेडियो जॉकी और रेडियो संहिता

कुछ चैनलों पर जिस हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाता है वह ‘प्रोमो’ हिंदी है। ‘प्रोमो’। अर्थात ‘पोस्ट मॉडर्न’ – उत्तर आधुनिक हिंदी। इस हिंदी भाषा में चुलबुलापन, मसखरापन, मस्ती और लय होती है। इसकी अपनी एक अलग पहचान है।

Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष भावार्थ : भक्ति महिमा और बाल लीला

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 11th Digest परिशिष भावार्थ : भक्ति महिमा और बाल लीला Notes, Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Hindi परिशिष भावार्थ : भक्ति महिमा और बाल लीला

भावार्थ : पाठ्यपुस्तक पृष्ठ क्रमांक २० : पाठ – भक्ति महिमा – संत दादू दयाल

जो माया–मोह का रस पीते रहे, उनका मक्खन–सा हृदय सूखकर पत्थर हो गया किंतु जिन्होंने भक्ति रस का पान किया, उनका पत्थर हृदय गलकर मक्खन हो गया। उनका हृदय प्रेम से भर गया।

Maharashtra Board Class 12 Hindi परिशिष भावार्थ : भक्ति महिमा और बाल लीला

अहंकारी व्यक्ति से प्रभु दूर रहता है। जो व्यक्ति प्रभुमय हो जाता है, फिर उसमें अहंकार नहीं होता। मनुष्य का हृदय एक ऐसा सँकरा महल है, जिसमें प्रभु और अहंकार दोनों साथ–साथ नहीं रह सकते। अहंकार का त्याग करना अनिवार्य है।

दादू मगन होकर प्रभु का कीर्तन कर रहे हैं। उनकी वाणी ऐसे मुखरित हो रही है जैसे ताल बज रहा हो। यह मन प्रेमोन्माद में नाच रहा है। दादू के सम्मुख दीन–दुखियों पर विशेष कृपा करने वाला प्रभु खड़ा है।

जिन लोगों ने भक्ति के सहारे भवसागर पार कर लिया, उन सभी की एक ही बात है कि भक्ति का संबल लेकर ही सागर को पार किया जा सकता है। सभी संतजन भी यही बात कहते हैं। अन्य मार्गदर्शक, जीवन के उद्धार के लिए जो दूसरे अनेक मार्ग बताते हैं, वे भ्रम में डालने वाले हैं। प्रभु स्मरण के सिवा अन्य सभी मार्ग दुर्गम हैं।

प्रेम की पाती (पत्री) कोई विरला ही पढ़ पाता है। वही पढ़ पाता है, जिसका हृदय प्रेम से भरा हुआ है। यदि हृदय में जीवन और जगत के लिए प्रेम भाव नहीं है तो वेद–पुराण की पुस्तकें पढ़ने से क्या लाभ ?

कितने ही लोगों ने वेद–पुराणों का गहन अध्ययन किया और उसकी व्याख्या करने में लिख–लिखकर कागज काले कर दिए लेकिन उन्हें जीवन का सच्चा मार्ग नहीं मिला। वे भटकते ही रहे, जिसने प्रिय प्रभु का एक अक्षर पढ़ लिया, वह सुजान–पंडित हो गया।

Maharashtra Board Class 12 Hindi परिशिष भावार्थ : भक्ति महिमा और बाल लीला

मेरा अहंकार – “मैं’ ही मेरा शत्रु निकला, जिसने मुझे मार डाला, जिसने मुझे पराजित कर दिया। मेरा अहंकार ही मुझे मारने वाला निकला, दूसरा कोई और नहीं।

अब मैं स्वयं इस ‘मैं’ (अहंकार) को मारने जा रहा हूँ। इसके मरते ही मैं मरजीवा हो जाऊँगा। मरा हुआ था फिर से जी उठूगा। एक विजेता बन जाऊँगा।

हे सृष्टिकर्ता ! जिनकी रक्षा तू करता है, वे संसार सागर से पार हो जाते हैं।

और जिनका तू हाथ छोड़ देता है, वे भवसागर में डूब जाते हैं। तेरी कृपा सज्जनों पर ही होती है।

रे नासमझ ! तू क्यों किसी को दुख देता है। प्रभु तो सभी के भीतर हैं। क्यों तू अपने स्वामी का अपमान करता है? सब की आत्मा एक है। आत्मा ही परमात्मा है। परमात्मा के अलावा वहाँ दूसरा कोई नहीं।

इस संसार में केवल ऐसे दो रत्न हैं, जो अनमोल हैं। एक है सबका स्वामी–प्रभु। दूसरा स्वामी का संकीर्तन करने वाला संतजन, जो जीवन और जगत को सुंदर बनाता है।

इन दो रत्नों का न कोई मोल है, न कोई तोल ! न इनका मूल्यांकन हो सकता है, न इन्हें खरीदा जा सकता है, न तौला जा सकता है।

भावार्थ : पाठ्यपुस्तक पृष्ठ क्रमांक २४ : पाठ – बाल लीला – संत सूरदास

1. यशोदा अपने पुत्र को चुप करने के लिए बार–बार समझाती है। वह कहती है – “चंदा आओ ! तुम्हें मेरा लाल बुला रहा है। यह मधु मेवा, पकवान, मिठाई स्वयं खाएगा और तुम्हें भी खिलाएगा। (मेरा लाल) तुम्हें हाथ में रखकर खेलेगा; तुम्हें जरा भी भूमि पर नहीं बिठाएगा।”

Maharashtra Board Class 12 Hindi परिशिष भावार्थ : भक्ति महिमा और बाल लीला

यशोदा हाथ में पानी का बर्तन उठाकर कहती है – “चंद्रमा ! तुम शरीर धारण कर आ जाओ।’ फिर उन्होंने जल का पात्र भूमि पर रख दिया और उसे दिखाने लगी – ‘बेटा देखो ! मैं वह चंद्रमा पकड़ लाई हूँ।’ अब सूरदास के प्रभु श्रीकृष्ण हँस पड़े और मुस्कुराते हुए उस पात्र में बार–बार दोनों हाथ डालने लगे।

2. हे श्याम ! उठो, कलेवा (नाश्ता) कर लो। मैं मनमोहन के मुख को देख–देखकर जीती हूँ। हे लाल ! मैं तुम्हारे लिए छुहारा, दाख, खोपरा, खीरा, केला, आम, ईख का रस, शीरा, मधुर श्रीफल और चिरौंजी लाई हूँ। अमरूद, चिउरा, लाल खुबानी, घेवर–फेनी और सादी पूड़ी खोवा के साथ खाओ।

मैं बलिहारी जाऊँ। गुझिया, लड्डू बनाकर और दही लाई हूँ। तुम्हें पूड़ी और अचार बहुत प्रिय हैं। इसके बाद पान बनाकर खिलाऊँगी। सूरदास कहते हैं कि मुझे पानखिलाई मिले।

Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष मुहावरे

Balbharti Maharashtra State Board Hindi Yuvakbharati 11th Digest परिशिष मुहावरे Notes, Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Hindi परिशिष मुहावरे

मुहावरा वह वाक्यांश जो सामान्य अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ में प्रयुक्त होता है; मुहावरे में उसके लाक्षणिक और व्यंजनात्मक अर्थ को ही स्वीकार किया जाता है। वाक्य में प्रयुक्त किए जाने पर ही मुहावरा सार्थक प्रतीत होता है।

Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष मुहावरे

  • अंकुर जमाना – प्रारंभ करना।
  • अपने पैरों पर खड़ा होना – आत्मनिर्भर होना।
  • आँच न आने देना – संकट न आने देना।
  • आँखों में सैलाब उमड़ना – फूट–फूटकर रोना।
  • आँखें फटी रहना – आश्चर्यचकित रह जाना।
  • आईने में मुँह देखना – अपनी योग्यता जाँचना।
  • आसमान के तारे तोड़ना – असंभव कार्य करना।
  • ईंट का जवाब पत्थर से देना – कड़ा जवाब देना
  • उधेड़ बुन में लगना – सोच–विचार करना।
  • एक आँख से देखना – समान रूप से देखना।
  • एक और एक ग्यारह होना – एकता में बल होना।
  • कदम बढ़ाना – प्रगति करना।
  • कमर कसना – प्रगति करना।
  • कमर सीधी करना – आराम करना, सुस्ताना।
  • कलई खुलना – भेद प्रकट होना।
  • कान देना – ध्यान से सुनना।
  • किस्मत खुलना – भाग्य चमकना।
  • गले का हार होना – अत्यंत प्रिय होना।
  • गागर में सागर भरना – थोड़े में बहुत कहना।
  • घी के दीये जलाना – खुशी मनाना।
  • चिकना घड़ा होना – निर्लज्ज होना।
  • चुटकी लेना – व्यंग्य करना।
  • जबान देना – वचन देना। Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष मुहावरे
  • झंडे गाड़ना – पूर्ण रूप से प्रभाव जमाना।
  • डंका पीटना – प्रचार करना।
  • तितर–बितर होना – बिखर जाना।
  • हजारों दीप जल उठना – आनंदित हो उठना।
  • रुपये दाँत से पकड़ना – कंजूसी करना।
  • दूध का दूध, पानी का पानी करना – इनसाफ करना, न्याय करना।
  • नाम कमाना – यश प्राप्त करना।
  • पाँचों उंगलियाँ घी में होना – हर तरफ से लाभ होना।
  • फूला न समाना – अत्यधिक प्रसन्न होना।
  • बीड़ा उठाना – किसी काम को करने की ठान लेना।
  • बाँछे खिलना – अत्यधिक प्रसन्न होना।
  • मरजीवा होना – कठोर साधना से लक्ष्य तक पहुँचने वाला होना।
  • मल्हार गाना – आनंद मनाना।
  • राई का पहाड़ बनाना – बात को बढ़ा–चढ़ाकर कहना।
  • लोहा मानना – श्रेष्ठता स्वीकार करना।
  • सफेद झूठ बोलना – पूरी तरह से झूठ बोलना।
  • सिर खपाना – ऐसे काम में समय लगाना जिसमें कोई लाभ नहीं।
  • सिर पर सेहरा बाँधना – अधिक यश प्राप्त करना।
  • सोना उगलना – बहुत अधिक लाभ होना।
  • सौ बात की एक बात – असली बात, निचोड़।
  • हाथ–पैर मारना – बहुत प्रयत्न करना।
  • हौसला बुलंद होना – उत्साह बना रहना।
  • श्रीगणेश करना – कार्य आरंभ करना।
  • दाँतों तले उँगली दबाना – आश्चर्यचकित होना।
  • अंधे की लाठी होना – निराधार का सहारा बनना।
  • आग से खेलना – मुसीबत मोल लेना।
  • मुट्ठी गर्म करना – रिश्वत देना।
  • इतिश्री होना – समाप्त होना। Maharashtra Board Class 11 Hindi परिशिष मुहावरे
  • उड़ती चिड़िया पहचानना – तीक्ष्ण बुद्धि वाला होना।
  • हथेली पर सरसों जमाना – कठिन कार्य करना।
  • कंचन बरसना – धन–दौलत से परिपूर्ण होना।
  • कानों कान खबर न होना – बिल्कुल पता न चलना।
  • गाल बजाना – अपनी प्रशंसा आप करना।
  • घड़ों पानी पड़ना – बहुत लज्जित होना।
  • चिकनी–चुपड़ी बातें करना – चापलूसी करना, मीठी-मीठी बातें बोलना।
  • छाती पर साँप लोटना – ईर्ष्या होना।
  • तूती बोलना – प्रभाव होना।
  • दो टूक जवाब देना – स्पष्ट बोलना।
  • नुक्ताचीनी करना – आलोचना करना।

Maharashtra Board Class 11 Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण शब्दांच्या जाती

Balbharti Maharashtra State Board Marathi Yuvakbharati 11th Digest व्याकरण शब्दांच्या जाती Notes, Textbook Exercise Important Questions and Answers.

Maharashtra State Board 11th Marathi Yuvakbharati Solutions व्याकरण शब्दांच्या जाती

शब्दांच्या जाती

  • शब्द व शब्दांच्या जाती:
  • ठराविक क्रमाने आलेल्या अक्षरांच्या समूहास काही अर्थ प्राप्त झाला तर त्यास शब्द असे म्हणतात.
  • शब्दांचे विकारी (सव्यय – व्यय – बदल) व अविकारी (अव्यय – बदल न होणारे) असे दोन प्रकार आहेत.
  • नाम, सर्वनाम, विशेषण व क्रियापदाच्या मूळ रूपात लिंग, वचन, विभक्ती व काळानुसार बदल होतात म्हणून त्यांना विकारी शब्द असे म्हणतात.
  • लिंग तीन प्रकारची आहेत – पुल्लिंग, स्त्रीलिंग व नपुसकलिंग.
  • वचनाचे दोन प्रकार आहेत – एकवचन, अनेकवचन.
  • नाम / सर्वनामांचा वाक्यातील क्रियापदाशी / इतर शब्दांशी असणारा संबंध ज्या विकारांनी दर्शविला जातो त्यास विभक्ती असे म्हणतात.
  • विभक्ती प्रत्यय लावण्यापूर्वी नामाच्या / सर्वनामांच्या रूपात जो बदल होतो त्यास सामान्यरूप असे म्हणतात.
  • क्रियाविशेषण, शब्दयोगी, उभयान्वयी व केवलप्रयोगी अव्ययांच्या रूपात कोणताच बदल होत नाही. म्हणून त्यांना अविकारी शब्द असे म्हणतात.

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11th Marathi Book Answers व्याकरण शब्दांच्या जाती Additional Important Questions and Answers

1. अधोरेखित केलेल्या शब्दांच्या जाती ओळखा.

प्रश्न 1.
उषावहिनींनी एकशेबावन्नाव्यांदा आरशात पाहिलं.
उत्तरः
उषावहिनी – विशेषनाम

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प्रश्न 2.
तो कधी खाली पडत नाही.
उत्तरः
तो – सर्वनाम

प्रश्न 3.
काही पुस्तकं आपल्याला झपाटून टाकतात.
उत्तरः
पुस्तकं – सामान्यनाम

प्रश्न 4.
त्यात सहानुभूतीचा आणि कारुण्याचा ओलावा ओथंबलेला आहे.
उत्तरः
आणि – उभयान्वयी अव्यय

प्रश्न 5.
माझा एक कलावंत मित्र एका अपघातात मरण पावला होता.
उत्तरः
माझा – सार्वनामिक विशेषण

प्रश्न 6.
पुष्कळशी त्यांच्याबरोबर गेली.
उत्तरः
पुष्कळशी – क्रियाविशेषण अव्यय

प्रश्न 7.
अगदी पहिली आठवण अशी, की आपणास दुपट्यात घट्ट गंडाळून ठेवले आहे.
उत्तरः
की – उभयान्वयी अव्यय

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प्रश्न 8.
तिथे संवाद नसतो.
उत्तरः
तिथे – क्रियाविशेषण अव्यय

प्रश्न 9.
उषावहिनींनी घड्याळाकडे पाहिलं.
उत्तरः
कडे – शब्दयोगी अव्यय

प्रश्न 10.
मोहरीएवढ्या बिजापासून प्रचंड अश्वत्थ वृक्ष उभा रहावा तशी ही कादंबरी वाढत गेली.
उत्तरः
पासून – शब्दयोगी अव्यय

प्रश्न 11.
अलंकारामुळे कवितेला सौंदर्य प्राप्त होते.
उत्तरः
सौंदर्य – भाववाचक नाम

प्रश्न 12.
हे हायस्कूल शंभर वर्षांवर जुनं आहे.
उत्तरः
शंभर – संख्यावाचक विशेषण

प्रश्न 13.
कुत्रा आपले शेपूट इमानीपणाच्या भावनेने हलवतो.
उत्तरः
इमानीपणाच्या – गुणवाचक विशेषण

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प्रश्न 14.
त्याच्या वाचनाचा वेग उत्तम होता.
उत्तरः
उत्तम – विशेषण

प्रश्न 15.
समाधानी चर्येनं मामू स्टुलावरून खाली उतरतो.
उत्तरः
समाधानी – भाववाचक नाम

प्रश्न 16.
मामूनं केलेल्या कष्टमय चाकरीचं फळ म्हणून असेल, पण त्याची सगळीच मुलं गुणवान निघालीत.
उत्तरः
पण – उभयान्वयी अव्यय

प्रश्न 17.
ड्रायव्हर वर आला.
उत्तरः
वर – क्रियाविशेषण अव्यय

प्रश्न 18.
शीऽ, ही कसली साडी?
उत्तरः
शी – केवलप्रयोगी अव्यय

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2. सूचनेनुसार सोडवा.

प्रश्न 1.
निशाने सर्व सूत्रे आपल्या हातात घेतली. (क्रियापदाचा प्रकार ओळखा) – ………………………………
उत्तरः
सकर्मक क्रियापद

प्रश्न 2.
भूमीवरही फार मोठा भार पडू लागला. (क्रियापदाचा प्रकार ओळखा) – ………………………………
उत्तरः
संयुक्त क्रियापद